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प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत

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हजारीबाग जिले में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों के साथ ग्रामीणों ने कार्यरत एएनएम पर काम में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चौपारण सीएचसी का घेराव किया. ग्रामीण उक्त एएनएम के तबादले की मांग कर रहे थे. बाद में स्थानीय विधायक के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए और शव उठाया. मृतिका की पहचान मानगढ़ गांव निवासी संतोष कुशवाहा की पत्नी सुनीता देवी (25) के रूप में हुई है.

एएनएम पर लापरवाही का आरोप

मृतिका के ससुर थानू कुशवाहा ने बताया कि 9 अप्रैल को सुबह करीब 10:00 बजे सुनीता देवी को प्रसव के लिए हेल्थ वेलनेस सेंटर महुदी (ठुट्ठी) में भर्ती कराया गया था. वहां कार्यरत एएनएम प्रभा कुमारी ने प्रसव कराने की जिम्मेदारी ली. एएनएम प्रभा कुमारी ने कहा कि हम यहीं प्रसव ठीक से करायेंगे. इतना कहकर एएनएम प्रसव कराने लगी. कुछ देर बाद बोली कि हालत ठीक नहीं है, इसे बाहर ले जाइए. इसके बाद हम उसे देखने के लिए अंदर गए तो उसे अचेत पाया. आनन-फानन में जब उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौपारण ले जाया गया तो वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. हंगामे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह दल-बल के साथ पहुंचे और मामले को शांत कराया. सीएचसी प्रभारी डॉ. भुनेश्वर गोप ने बताया कि दिन के करीब साढ़े तीन बजे महिला को अस्पताल लाया गया, लेकिन जांच में पता चला कि जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो चुकी है. इसके बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी गयी.

एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही चौपारण-2 जिप सदस्य रविशंकर अकेले अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रभारी डॉ. भुनेश्वर गोप से मुलाकात कर परिजनों से आरोपी एनएनएम प्रभा कुमारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उन्होंने इस संबंध में सिविल सर्जन से बात की और तत्काल एएनएम को चौपारण से हटाने की मांग की.

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