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लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ने श्री राम लला की तस्वीर वाला विश्व का पहला डाक टिकट जारी किया

Lao People's Democratic Republic released the world's first postage stamp with the image of Shri Ram Lalla

 लाओस और भारत ने भगवान राम की विशेष स्मारक डाक टिकट जारी की

लाओस और भारत द्वारा भगवान राम की विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करना दोनों देशों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की एक महत्वपूर्ण घटना है। हाल ही में लाओस और भारत ने एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी की, जिसमें भगवान राम की छवि अंकित है। यह डाक टिकट भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की लाओस यात्रा के दौरान जारी की गई। इस अवसर ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और भी मजबूत किया।

 

 लाओस में रामायण की अनूठी परंपरा

लाओस की रामायण “रामाकिएन” के नाम से जानी जाती है, जिसे “फ्रा लक फ्रा राम की कहानी” भी कहा जाता है। यह रामायण की एक अद्वितीय और समृद्ध संस्करण है, जो लाओस की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लाओस में राम और रामायण को उतनी ही श्रद्धा और भक्ति के साथ माना जाता है, जितना भारत में। लाओस की रामायण कथा का अनुकूलन और स्थानीय सांस्कृतिक तत्वों के साथ मिश्रण ने इसे विशिष्ट बनाया है। यह कहानी लाओस की कला, साहित्य और प्रदर्शन कला में गहराई से बसी हुई है।

 रामाकिएन की कहानी

रामाकिएन की कहानी भगवान राम, उनकी पत्नी सीता और उनके अनुज लक्ष्मण के जीवन पर आधारित है। इसमें भी वही प्रमुख घटनाएँ हैं जैसे कि रावण का वध, सीता की अग्नि परीक्षा और रामराज्य की स्थापना। हालांकि, इसमें कुछ स्थानीय तत्व और पात्र भी जोड़े गए हैं, जो इसे लाओस के संदर्भ में प्रासंगिक बनाते हैं।

 सांस्कृतिक महत्व

राम और रामायण की कहानियाँ लाओस के मंदिरों, साहित्यिक कृतियों और लोक कथाओं में प्रमुखता से दिखाई देती हैं। लाओस की नृत्य और नाट्य परंपराओं में रामाकिएन का महत्वपूर्ण स्थान है, जिसमें रामलीला जैसी प्रस्तुतियाँ होती हैं। यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का एक जीवंत प्रतीक है।

यह न केवल भगवान राम और रामायण की सार्वभौमिकता को दर्शाता है, बल्कि दोनों देशों के बीच की गहरी सांस्कृतिक धरोहर को भी उजागर करता है। राम और रामायण की कथाएँ हमें एकता, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं, जो सदियों से हमारी सभ्यताओं का मार्गदर्शन करती आ रही हैं।

 

लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक: एक परिचय

परिचय

लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (लाओस), जिसे सामान्यतः लाओस के नाम से जाना जाता है, दक्षिण पूर्व एशिया में स्थित एक खूबसूरत और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध देश है। यह देश अपने ऐतिहासिक महत्व, प्राकृतिक सुंदरता, और सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

लाओस एक लैंडलॉक्ड देश है, जिसका मतलब है कि इसकी सीमा किसी समुद्र से नहीं लगती। इसके चारों ओर थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया, म्यांमार और चीन स्थित हैं। मेकोंग नदी लाओस की प्रमुख नदी है, जो देश की अर्थव्यवस्था और जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लाओस का भौगोलिक परिदृश्य पहाड़ों, जंगलों, और नदियों से भरपूर है, जो इसे एक अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता प्रदान करता है।

लाओस का जलवायु उष्णकटिबंधीय मानसून प्रकार का है, जिसमें वर्ष के अधिकांश समय गर्म और आर्द्र मौसम होता है। मानसून के मौसम में भारी बारिश होती है, जो कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।

इतिहास

लाओस का इतिहास प्राचीन समय से ही सांस्कृतिक और राजनीतिक घटनाओं से भरा रहा है। प्राचीन काल में, लाओस में लैन जांग नामक एक महान राज्य था, जिसका अर्थ “लाख हाथियों की भूमि” है। यह राज्य 14वीं से 18वीं सदी तक अस्तित्व में रहा और अपने समय में सांस्कृतिक और धार्मिक उन्नति का केंद्र था।

19वीं सदी में, लाओस फ्रांसीसी उपनिवेश का हिस्सा बन गया और 1953 में इसे स्वतंत्रता प्राप्त हुई

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