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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने IIT मद्रास को हाइपरलूप प्रोजेक्ट के लिए $1 मिलियन का अनुदान दिया

Union Minister Ashwini Vaishnav grants $1 million to IIT Madras for Hyperloop project

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज IIT मद्रास को हाइपरलूप प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए $1 मिलियन (लगभग 7.5 करोड़ रुपये) का अनुदान देने की पुष्टि की है। यह फंडिंग भारत में अत्याधुनिक परिवहन प्रौद्योगिकी के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के तहत दुनिया के सबसे तेज और कुशल परिवहन साधनों में से एक हाइपरलूप तकनीक को विकसित करने पर काम किया जाएगा।

हाइपरलूप एक उन्नत परिवहन प्रणाली है, जो चुंबकीय शक्ति और निर्वात ट्यूबों का उपयोग करके यात्रियों और सामान को अत्यधिक गति से ले जाने में सक्षम है। इस तकनीक के विकास से भारत में परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “यह अनुदान भारत को परिवहन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हाइपरलूप प्रोजेक्ट न केवल यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा-कुशल परिवहन समाधान भी प्रदान करेगा।”

IIT मद्रास के शोधकर्ताओं का कहना है कि यह फंडिंग उन्हें हाइपरलूप तकनीक के वाणिज्यिक उपयोग को साकार करने में मदद करेगी। संस्थान ने पहले ही इस दिशा में कई सफल प्रयोग किए हैं, और अब इस अनुदान के साथ पहले वाणिज्यिक हाइपरलूप परियोजना को जल्द ही लागू करने की योजना है।

इस परियोजना के सफल होने पर भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा, जो इस अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। यह न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

इस घोषणा के साथ ही, भारत ने परिवहन के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। IIT मद्रास के शोधकर्ताओं का मानना है कि यह परियोजना भारत को वैश्विक तकनीकी महाशक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हाइपरलूप प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन से भारत की परिवहन प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत होगी, जो तेज, सुरक्षित और टिकाऊ होगी।

Union Minister Ashwini Vaishnav grants $1 million to IIT Madras for Hyperloop project
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