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बोकारो डीसी का अनूठा जेस्चर: रिटायरमेंट के दिन चालक को बनाया ‘साहब’

सेवानिवृत्ति पर मिला अनोखा सम्मान, सोशल मीडिया पर छाई विनम्रता की मिसाल

सरकारी नौकरी में रिटायरमेंट के समय सम्मान समारोह आयोजित करना एक आम प्रथा है, लेकिन बोकारो के उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा ने अपने चालक सत्येंद्र कुमार मुन्ना को जिस खास अंदाज में विदाई दी, वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। डीसी के आदेश पर डीसीएलआर चास प्रभाष दत्ता ने खुद वाहन की ड्राइविंग सीट संभाली और सेवानिवृत्त हो रहे चालक को सम्मानपूर्वक गाड़ी में बिठाकर उनके घर तक छोड़ा।

35 वर्षों की निष्ठावान सेवा

सत्येंद्र कुमार मुन्ना ने लगभग 35 वर्षों तक बोकारो प्रशासन में विभिन्न अधिकारियों के चालक के रूप में सेवा दी। वह बोकारो के जिला बनने से पहले से ही इस विभाग से जुड़े हुए थे। उनकी ईमानदारी और समर्पण के चलते अधिकारियों के बीच उनका विशेष सम्मान था।

डीसी का भावपूर्ण जेस्चर

रिटायरमेंट के दिन, डीसी अजय नाथ झा ने एक अनोखी पहल करते हुए सत्येंद्र मुन्ना को सम्मानित किया। उन्होंने डीसीएलआर प्रभाष दत्ता को निर्देश दिया कि वे मुन्ना को उनके घर तक छोड़ने जाएं, लेकिन इस बार ड्राइवर की सीट पर प्रभाष दत्ता खुद बैठे और मुन्ना को गाड़ी में सम्मानपूर्वक बैठाया

इस घटना ने न सिर्फ मुन्ना को भावुक कर दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खूब सराहना बटोरी। लोगों ने डीसी के इस विनम्र और संवेदनशील रवैये की तारीफ की।

सोशल मीडिया पर छाई खबर

यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और उपयोगकर्ताओं ने इसे “मानवता की जीत” और “नेतृत्व की सच्ची मिसाल” बताया। कई लोगों ने टिप्पणी की कि ऐसे छोटे-छोटे जेस्चर से ही कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और एक स्वस्थ कार्य संस्कृति का निर्माण होता है।

निष्कर्ष

बोकारो डीसी का यह कदम न सिर्फ एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के प्रति सम्मान दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि हर पद और भूमिका का महत्व होता है

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