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प्रदूषण पर लगाम: दिल्ली के निजी कार्यालयों में 50% स्टाफ के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ अनिवार्य

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दिल्ली के निजी कार्यालयों में 50% स्टाफ के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के नवीनतम निर्देशों के अनुसार, दिल्ली सरकार ने निजी कार्यालयों के लिए एक परामर्श जारी किया है, जिसमें उन्हें 50% ऑन-साइट कार्यबल क्षमता के साथ काम करने को कहा गया है, जबकि शेष कर्मचारियों को घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) जारी रखने का निर्देश दिया गया है।

GRAP III के तहत एहतियाती कदम

यह फैसला ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण III के तहत एक एहतियाती उपाय के रूप में लिया गया है। CAQM ने हाल ही में GRAP के नियमों में संशोधन किया है, जिसके तहत पहले स्टेज-IV (‘Severe+’) में लागू होने वाले कुछ सख्त प्रतिबंध अब स्टेज-III (‘Severe’) में ही लागू कर दिए गए हैं, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 401 से 450 के बीच पहुँच जाता है।

सरकार का जोर सार्वजनिक स्वास्थ्य पर

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस कदम के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार GRAP के चरण III के तहत प्रदूषण नियंत्रण उपायों को सक्रिय रूप से लागू कर रही है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य और वायु गुणवत्ता की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

“सरकार वायु प्रदूषण से निपटने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी करती रहेगी। हमारा फोकस साफ हवा, पब्लिक हेल्थ और रियल टाइम मॉनिटरिंग पर है,” – मनजिंदर सिंह सिरसा, पर्यावरण मंत्री

अन्य प्रमुख प्रतिबंध और उपाय

निजी कार्यालयों में 50% क्षमता का नियम लागू करने के अलावा, GRAP III के तहत कई अन्य सख्त उपाय भी लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य शहर में वाहनों की आवाजाही को कम करना और प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर नियंत्रण करना है:

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