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भारत सरकार की ₹7,280 करोड़ की मेगा योजना को मंजूरी – REPM निर्माण में बनेगा ग्लोबल लीडर!

भारत सरकार की ₹7,280 करोड़ की मेगा योजना को मंजूरी – REPM निर्माण में बनेगा ग्लोबल लीडर!

भारत को हाई-टेक विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए ₹7,280 करोड़ की महत्वकांक्षी योजना को मंज़ूरी दे दी है।

नई दिल्ली: भारत को हाई-टेक विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर मज़बूती से स्थापित करने की दिशा में एक युगांतरकारी कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए ₹7,280 करोड़ की महत्वकांक्षी योजना को मंज़ूरी दे दी है। यह ‘पहले-अपनी-तरह’ की पहल भारत की तकनीकी संप्रभुता और चीन पर महत्वपूर्ण आयात निर्भरता को समाप्त करने के लिए निर्णायक मानी जा रही है।

क्यों है REPM इतना महत्वपूर्ण?

REPM, जिसे अक्सर ‘चुंबकों का राजा’ कहा जाता है, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का पावरहाउस है। यह स्थायी चुंबकों में सबसे मजबूत होते हैं और निम्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए अनिवार्य हैं:

योजना के दोहरे लक्ष्य: Net Zero और Global Competitiveness

यह योजना सिर्फ विनिर्माण को बढ़ावा नहीं देगी, बल्कि एक संपूर्ण REPM पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगी।

REPM निर्माण के ‘सुपरहीरो’ तत्व: दुर्लभ पृथ्वी तत्व (REE) क्या हैं?

आपके प्रश्न का उत्तर है: सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) के निर्माण में मुख्य रूप से नियोडाइमियम (Neodymium) और प्रसियोडाइमियम (Praseodymium) जैसे दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का उपयोग किया जाता है।

लेकिन उच्च प्रदर्शन और तापमान प्रतिरोध (high-temperature resistance) प्राप्त करने के लिए अक्सर इसमें डिस्प्रोशियम (Dysprosium) और टेरबियम (Terbium) जैसे तत्वों को भी मिलाया जाता है।

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