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भारत की ऐतिहासिक जीत! सर्वाधिक वोटों के साथ IMO परिषद में फिर चुना गया

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नई दिल्ली | 29 नवंबर 2025: भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी समुद्री ताकत का लोहा मनवाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (International Maritime Organization – IMO) की परिषद में शानदार जीत दर्ज की है। लंदन में आयोजित 34वीं असेंबली के दौरान हुए चुनाव में भारत को श्रेणी-बी (Category B) में सबसे अधिक वोट मिले हैं।

यह लगातार दूसरा मौका है जब भारत ने इस प्रतिष्ठित चुनाव में सर्वाधिक मत प्राप्त कर 2026-27 के कार्यकाल के लिए अपनी जगह पक्की की है।

मुख्य हाइलाइट्स

क्या है अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (What is IMO?)

इस जीत का महत्व समझने के लिए IMO की भूमिका को जानना आवश्यक है:

क्या है IMO काउंसिल और ‘श्रेणी-बी’? (IMO Council Structure)

IMO काउंसिल संगठन का ‘कार्यकारी अंग’ (Executive Body) है जो असेंबली सत्रों के बीच संगठन के कामकाज की निगरानी करता है। इसमें कुल 40 सदस्य देश होते हैं जो तीन श्रेणियों में बंटे होते हैं:

  1. श्रेणी-ए (Category A): 10 देश, जिनकी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं में सबसे अधिक रुचि है।
  2. श्रेणी-बी (Category B): 10 देश, जिनकी अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार (International Seaborne Trade) में सबसे अधिक रुचि है। (भारत इसी श्रेणी में चुना गया है)
  3. श्रेणी-सी (Category C): 20 देश, जिनका समुद्री परिवहन या नेविगेशन में विशेष हित है और जो दुनिया के प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पीएम मोदी के विजन की जीत: सर्बानंद सोनोवाल

केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया है।

“IMO में भारत की सफलता पीएम नरेंद्र मोदी जी के मैरीटाइम विजन (Maritime Vision) का प्रमाण है। 154 वोटों का यह जनादेश सुरक्षित, कुशल और हरित समुद्री क्षेत्र के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर वैश्विक समुदाय की मुहर है।”सर्बानंद सोनोवाल, केंद्रीय मंत्री

क्या है भारत के लिए इसके मायने?

यह जीत केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि ‘अमृत काल मैरीटाइम विजन 2047’ की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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