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IIT, ISM धनबाद के मंच से गौतम अदाणी का बड़ा बयान, भारत को विकास की दिशा खुद तय करनी होगी

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धनबाद। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी (GAUTAM ADANI) ने कहा है कि बदलते वैश्विक हालातों के बीच भारत को किसी भी बाहरी दबाव से मुक्त रहकर अपनी आर्थिक, ऊर्जा और संसाधन विकास नीति स्वयं तय करनी होगी। वह IIT (ISM) धनबाद के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वैश्विक गठबंधनों के कमजोर पड़ने और देशों द्वारा अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दिए जाने के इस दौर में भारत के लिए आत्मनिर्भरता एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है

‘नैरेटिव कॉलोनाइजेशन’ से सतर्क रहने की चेतावनी

9 दिसंबर 2025 को आयोजित इस समारोह में गौतम अदाणी ने ‘नैरेटिव कॉलोनाइजेशन’ यानी कथात्मक उपनिवेशवाद के खतरे की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि जिन देशों ने ऐतिहासिक रूप से सबसे अधिक कार्बन उत्सर्जन किया है, वही आज भारत को यह उपदेश दे रहे हैं कि उसे किस तरह से विकास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत की प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन दर विश्व में सबसे कम है, इसके बावजूद देश के विकास प्रयासों को अवैध ठहराने की कोशिशें की जा रही हैं। इसे उन्होंने “आर्थिक और संसाधन स्वतंत्रता के लिए दूसरा स्वतंत्रता संग्राम” करार दिया।

गौतम अदाणी ने स्पष्ट कहा,

“भारत को ऐसे किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकना चाहिए जो उसके विकास के सपनों को सीमित करने का प्रयास करे।”


खनन के बिना नई अर्थव्यवस्था संभव नहीं

खनन क्षेत्र को लेकर फैली धारणाओं पर टिप्पणी करते हुए अदाणी ने कहा कि भले ही इसे पुरानी अर्थव्यवस्था कहा जाए, लेकिन खनन के बिना कोई भी नई अर्थव्यवस्था टिक नहीं सकती। उन्होंने संसाधन-आधारित विकास को भारत की आर्थिक मजबूती की आधारशिला बताया।


IIT (ISM) धनबाद को ‘माइनिंग एक्सीलेंस सेंटर’ की सौगात

इस अवसर पर गौतम अदाणी ने संस्थान के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—

1. अदाणी 3S माइनिंग एक्सीलेंस सेंटर:
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में ‘अदाणी 3S माइनिंग एक्सीलेंस सेंटर’ की स्थापना की जाएगी, जिसे TEXMiN के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इस केंद्र में अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी, जिनमें

शामिल हैं, जिससे खनन क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

2. पेड इंटर्नशिप और PPO योजना:
अदाणी समूह हर वर्ष तीसरे वर्ष के 50 छात्रों को पेड इंटर्नशिप प्रदान करेगा। इनमें से कम से कम 25 प्रतिशत छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) दिए जाएंगे।

संस्थान की विरासत और अदाणी समूह की प्रतिबद्धता

गौतम अदाणी ने कहा कि IIT (ISM) धनबाद की स्थापना भारत की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसकी परिकल्पना ब्रिटिश शासनकाल में भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा की गई थी। उन्होंने संस्थान की भूमिका को देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में ऐतिहासिक बताया।

अपने संबोधन के अंत में गौतम अदाणी ने छात्रों से कहा,

“निर्भीक होकर सपने देखें, निरंतर प्रयास करें, नवाचार को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।”

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