
बोकारो: बोकारो DC ने जब जांच शुरू कराई, तो झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में एक बहुत बड़े फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ है. जांच मुकाम तक पहुंचते-पहुंचते कई सरकारी कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते है. झारखंड का अबतक का यह सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा बताया जाता है. साथ ही बोकारो के इस फर्जीवाड़े के तार बंगाल से जुड़ गए है. एक ही बैंक खाता का नंबर दर्ज कर अलग-अलग नाम से अलग-अलग प्रखंडों से कुल 95 बार आवेदन किए गए है. बात इतनी ही नहीं है, सत्यापन के क्रम में बोकारो जिले में कुल 11,200 डुप्लीकेट आवेदन प्राप्त हुए है. जिनकी जांच चल रही है. इस योजना के लिए एक तरफ अंचल और प्रखंड कार्यालयों में महिलाओं की भीड़ जुट रही है, तो दूसरी ओर जांच जब तेज हो रही है, तो एक से एक खुलासे सामने आ रहे है. हो सकता है कि बोकारो में पकड़े गए इस फर्जीवाडे के बाद पूरे झारखंड में नए ढंग से जांच की प्रक्रिया शुरू की जाए और तरह-तरह के फर्जीवाड़े सामने आये.
बोकारो में पकड़ाया है चौंकानेवाला मामला
बता दें कि राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) के भौतिक सत्यापन में बोकारो में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. उपायुक्त विजया जाधव के निर्देश पर सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन के क्रम में एक ही बैंक खाता का नंबर दर्ज कर अलग–अलग नाम से अलग– अलग प्रखंडों से कुल 95 बार आवेदन किये गए है. जिसमें चास प्रखंड–चास नगर निगम क्षेत्र से कुल 67 बार एवं गोमिया प्रखंड से 28 बार आवेदन किये गए है. जांच क्रम में यह पता चला है कि इंडसइंड बैंक में ही ऐसे ज्यादतर बैंक खाते खुले है. यह सभी आवेदन पलामू जिले के डालटेनगंज के मेदनीनगर स्थित सीएससी वीएलई सुमीत कुमार के आइडी सं. 542316220013 से किये गए है.
बैंक खाता संख्या 100253387047 का 95 बार हुआ है उपयोग
सत्यापन क्रम में यह स्पष्ट हुआ है कि बैंक खाता संख्या 100253387047, जिसके खाता धारक का नाम यूसुफ है, पता-पतागोड़ा, बड़ाखांती, उत्तरदिनाजपुर, राज्य- पश्चिम बंगाल है. इस खाता का इस्तेमाल कुल 95 बार अलग–अलग नाम से योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किये गए है. इस दौरान दर्ज राशन कार्ड का संख्या भी फर्जी अंकित है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जांच के क्रम में इसकी पुष्टि की है. वहीं, सभी नामों के उप नाम में किस्कू, हांसदा और मुर्मू शब्द जोड़ा गया है. 21 नवंबर 2024 को एक ही साथ कई बार आवेदन किये गए है. उपायुक्त ने खाता धारक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है. स्वीकृति के क्रम में कई आवेदनों को बीडीओ/सीओ स्तर से स्वीकृत भी किया गया है. लेकिन, उपायुक्त के निर्देश पर सामाजिक सुरक्षा द्वारा एक से ज्यादा बार इंट्री एक ही खाता का संविक्षा के बाद राशि हस्तांतरित करने की स्वीकृति पर रोक लगाएं जाने के कारण राशि का हस्तांतरण खातों में नहीं किया गया है. उधर, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना (जेएमएमएसवाई) सत्यापन क्रम में जिले में ऐसे कुल 11,200 डुप्लीकेट आवेदन प्राप्त हुए है. जिसका पुनः एक बार आंगनबाड़ी कर्मियों से भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है. जिसके बाद संबंधितों को चिन्हित कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
Chief Minister Mainyan Samman Yojana: How Jharkhand's biggest fraud got connected to Bengal