
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा और पान मसाले के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ‘स्वस्थ झारखंड’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि यह प्रतिबंध अगले एक साल के लिए लागू रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड सरकार का सराहनीय आदेश राज्य में गुटखा-पान मसाला पर बैन। बेचने वालों पर होगी कार्रवाई।
मुख्यमंत्री जी.स्वास्थ्य मंत्री एंव उन्के मंत्री मंडल के सहयोगियों को प्रदेश की जनता का आभार @HemantSorenJMM @IrfanAnsariMLA@DipikaPS @JMMKalpanaSoren @INCJharkhand @JmmJharkhand pic.twitter.com/qzLSFZY3yo— Haji Matloob Imam (@MatloobImam) February 18, 2025
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा और पान मसाले से जुड़ी सभी गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। इस आदेश का उद्देश्य जन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना और युवाओं को नशे की लत से बचाना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने की घोषणा, कहा- ‘युवाओं को बचाने की क्रांतिकारी पहल’
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम झारखंड के युवाओं को नशे की जकड़ से मुक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने कहा, “गुटखा और पान मसाले के कारण कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारे युवा धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रहे हैं, और मैं एक डॉक्टर होने के नाते यह नहीं देख सकता कि यह जहर उनके जीवन को नष्ट कर दे।”
डॉ. अंसारी ने आगे कहा, “जब जनता ने मुझे स्वास्थ्य मंत्री बनाया है, तो मेरा पहला कर्तव्य उनके जीवन की रक्षा करना है। स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुटखा और पान मसाले के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और वितरण से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुटखा माफिया और अवैध कारोबारियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। किसी भी दुकान, गोदाम या व्यक्ति के पास गुटखा पाए जाने पर न केवल सख्त कार्रवाई होगी, बल्कि संबंधित गोदामों को सील कर दिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि यह फैसला केवल एक नियम नहीं है, बल्कि झारखंड के युवाओं को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम
झारखंड सरकार का यह फैसला राज्य में तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गुटखा और पान मसाले के सेवन से मुंह, गले और पेट के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, यह युवाओं के बीच नशे की लत को बढ़ावा देता है, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
सरकार का यह कदम न केवल स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने की दिशा में है, बल्कि यह समाज को नशे के खिलाफ जागरूक करने का भी एक प्रयास है। अब यह देखना होगा कि इस प्रतिबंध का कितना प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है और क्या यह झारखंड को एक स्वस्थ राज्य बनाने के सपने को साकार कर पाएगा।
Complete ban on gutkha and pan masala in Jharkhand, Hemant government took a tough decision