
रांची, झारखंड – पिछले कई वर्षों से सरहुल के पावन पर्व पर दो दिन के राजकीय अवकाश की मांग उठती रही थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार ने आदिवासी समाज के इस महत्वपूर्ण त्योहार के सम्मान में इस वर्ष से दो दिन का राजकीय अवकाश घोषित किया है।
पिछले कई वर्षों से सरहुल के अवसर पर 2 दिन के राजकीय अवकाश की माँग उठ रही थी। आदिवासी समाज के इस महा पावन पर्व के महत्व को देखते हुए, मैंने इस वर्ष से 2 दिन का राजकीय अवकाश घोषित किया है।
झारखंड की संस्कृति एवं परंपराओं की गौरवशाली धरोहर को हम सहेजते आयें हैं और सदैव सहेजेंगे।…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 1, 2025
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा, “सरहुल आदिवासी समाज का एक महापावन पर्व है, जो प्रकृति पूजन और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसके महत्व को देखते हुए हमने इस वर्ष से दो दिन के राजकीय अवकाश का निर्णय लिया है। झारखंड की संस्कृति एवं परंपराओं की गौरवशाली धरोहर को हम सहेजते आए हैं और सदैव सहेजेंगे।”
सरहुल का महत्व
सरहुल झारखंड के आदिवासी समुदाय का प्रमुख त्योहार है, जिसे वसंत ऋतु के आगमन और नई फसल के स्वागत के रूप में मनाया जाता है। इस दिन साल वृक्ष की पूजा की जाती है और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। यह पर्व सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देता है।
Jharkhand government declared 2 days holiday on the occasion of Sarhul festival