New Delhi :वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान डिजिटल भुगतान लेनदेन की मात्रा बढ़कर 19,000 करोड़ तक पहुंच गई है, जो वित्तीय वर्ष 2017-18 में 2,000 करोड़ थी। इस अवधि में UPI लेनदेन में भी भारी वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जहां UPI के जरिए 90 करोड़ लेनदेन हुए थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा बढ़कर 13,000 करोड़ से भी अधिक हो गया।
UPI लेनदेन की कुल राशि 200 लाख करोड़ रुपये
वित्त मंत्रालय ने आगे बताया कि UPI के जरिए होने वाले लेनदेन का कुल मूल्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है और देशभर में तेजी से इसे अपनाया जा रहा है।
7 देशों में लाइव UPI लेनदेन की सुविधा
मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी है कि UPI अब 7 देशों में लाइव लेनदेन की सुविधा प्रदान कर रहा है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस शामिल हैं। यह भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की वैश्विक मान्यता का संकेत है और UPI को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डिजिटल भुगतान में बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
डिजिटल भुगतान में हो रही इस तेज़ी से न केवल आर्थिक लेनदेन में पारदर्शिता आएगी, बल्कि इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वित्त मंत्रालय ने डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया और कहा कि UPI जैसी सुविधाओं के चलते डिजिटल भुगतान का भविष्य उज्ज्वल है।