अहमदाबाद। गुजरात की आर्थिक राजधानी और यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी, अहमदाबाद ने एक बार फिर वैश्विक पटल पर अपनी रचनात्मकता का लोहा मनवाया है। साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित 14वें अहमदाबाद इंटरनेशनल फ्लावर शो-2026 ने इस वर्ष एक साथ दो नए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिए हैं। इसके साथ ही अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) द्वारा आयोजित इस शो ने लगातार तीसरे वर्ष रिकॉर्ड बनाने की ‘हैट्रिक’ पूरी कर ली है।
विश्व का सबसे बड़ा फ्लावर पोर्ट्रेट और मंडाला
इस वर्ष के आकर्षण का केंद्र भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की फूलों से बनी विशालकाय प्रतिमा (पोर्ट्रेट) और एक भव्य फ्लावर मंडाला रहे। इन दोनों कलाकृतियों को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम द्वारा आधिकारिक मान्यता प्रदान की गई है।
- सरदार पटेल का फ्लावर पोर्ट्रेट: राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार पटेल का यह पोर्ट्रेट लगभग 41.17 मीटर लंबा और 8 मीटर चौड़ा है, जो कुल 329.36 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है। इससे पहले इस श्रेणी में न्यूनतम बेंचमार्क काफी कम था, जिसे अहमदाबाद ने बड़े अंतर से पार किया है।
- सबसे बड़ा फ्लावर मंडाला: आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता वाले इस फ्लावर मंडाला का व्यास 33.6 मीटर है और यह 886.79 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र को कवर करता है। इसका सटीक मापन आधुनिक ‘डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम’ (DGPS) तकनीक से किया गया।
रिकॉर्ड्स की ‘हैट्रिक’: 2024 से 2026 तक का सफर
अहमदाबाद फ्लावर शो ने पिछले तीन वर्षों में विश्व स्तर पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है:
- वर्ष 2024: शो ने विश्व की सबसे लंबी फ्लावर वॉल (Flower Structure) बनाकर अपना पहला रिकॉर्ड दर्ज किया था।
- वर्ष 2025: पिछले साल दुनिया का सबसे बड़ा फ्लावर बुके (Flower Bouquet) बनाकर रिकॉर्ड की सूची में विस्तार किया।
- वर्ष 2026: इस वर्ष दो नए रिकॉर्ड्स (पोर्ट्रेट और मंडाला) के साथ सफलता की हैट्रिक पूरी की।
‘भारत एक गाथा’ थीम पर आधारित आयोजन
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल द्वारा उद्घाटित इस 14वें संस्करण की मुख्य थीम “भारत: एक गाथा” रखी गई है। यह शो केवल फूलों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक भारत तक की विकास यात्रा को दर्शाता है। शो को 6 अलग-अलग ज़ोन में बाँटा गया है:
- शाश्वत भारत ज़ोन: यहाँ समुद्र मंथन, गीता सार और भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं को फूलों के माध्यम से उकेरा गया है।
- उपलब्धियों का ज़ोन: आधुनिक भारत की प्रगति जैसे चंद्रयान, सौर ऊर्जा (सोलर पैनल), और सेमीकंडक्टर मिशन को प्रदर्शित किया गया है।
- सांस्कृतिक ज़ोन: इसमें भारत के विभिन्न शास्त्रीय नृत्य और त्योहारों जैसे दिवाली और उत्तरायण की झलकियाँ देखी जा सकती हैं।
प्रधानमंत्री की प्रेरणा और वैश्विक पहचान
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन और उनकी प्रेरणा से साबरमती रिवरफ्रंट आज वैश्विक पर्यटन का केंद्र बन चुका है। AMC के अधिकारियों के अनुसार, इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और भारतीय संस्कृति के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है। इस वर्ष शो में 30 लाख से अधिक फूलों और 170 से अधिक थीम-आधारित स्कल्पचर्स का उपयोग किया गया है।
दर्शकों के लिए जानकारी
यह शो 1 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक जनता के लिए खुला रहेगा।
- टिकट दरें: सोमवार से शुक्रवार 80 रुपये और शनिवार-रविवार के लिए 100 रुपये तय की गई हैं।
- विशेष स्लॉट: जो दर्शक भीड़ से बचकर शांति से इस शो का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए 500 रुपये की ‘वीआईपी एंट्री’ का भी प्रावधान है।
- निशुल्क प्रवेश: 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों, दिव्यांगों और शहीदों के परिवारों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है।
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और शहर के नागरिकों के लिए यह गौरव का क्षण है कि उनकी मेहनत ने न केवल अहमदाबाद को बल्कि पूरे भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।



