
दिल्ली :चुनाव आयोग (EC) ने मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता पंजीकृत नहीं होंगे। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही लंबी कतारों और मतदान में देरी की समस्या को दूर करने के लिए लिया गया है।
पहले एक मतदान केंद्र पर 1500 तक मतदाता पंजीकृत हो सकते थे, लेकिन अब यह संख्या घटाकर 1200 कर दी गई है। नए मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार ने इस फैसले को “दशकों से लंबित मुद्दे का समाधान” बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रक्रिया की दक्षता को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने आगामी चुनावों में मतदाता पहचान पत्र को आधार से जोड़ने और मतदान एजेंटों को बेहतर प्रशिक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उठाए हैं। इन पहलों का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
चुनाव आयोग ने 31 मार्च से पहले सर्वदलीय बैठकें आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। इन बैठकों में सभी राजनीतिक दलों की चिंताओं और सुझावों को सुना जाएगा और उनका समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही, 18 मार्च को चुनाव आयोग ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
चुनाव आयोग की यह पहल देशभर के नागरिकों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल मतदान प्रक्रिया में सुधार होगा, बल्कि मतदाताओं का विश्वास भी बढ़ेगा।
इस नए निर्णय के साथ, चुनाव आयोग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह लोकतंत्र को मजबूत बनाने और मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
EC's big decision: Now there will not be more than 1200 voters at one polling station