08 जनवरी 2026
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आज अपनी सेवाओं को और अधिक समावेशी और जन-सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक भव्य समारोह में आधार के आधिकारिक शुभंकर (Mascot) ‘उदय’ का अनावरण किया गया। यह शुभंकर अब आधार से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं और सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल भाषा में पहुँचाने के लिए एक ‘डिजिटल साथी’ की भूमिका निभाएगा।
जनता की कल्पना से जन्मा ‘उदय’
UIDAI ने इस शुभंकर के निर्माण के लिए एक अनूठा और पारदर्शी रास्ता चुना। माईगॉव (MyGov) प्लेटफॉर्म पर एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के छात्रों, पेशेवरों और डिजाइनरों ने हिस्सा लिया।
संस्था को कुल 875 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें से विजेताओं का चयन एक बहुस्तरीय और निष्पक्ष मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। यह प्रतियोगिता न केवल कलात्मक कौशल का प्रदर्शन थी, बल्कि ‘जन-भागीदारी से विश्वास’ के आधार के मूल सिद्धांत को भी रेखांकित करती थी।
विजेताओं का सम्मान
UIDAI के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने समारोह के दौरान विजेताओं को सम्मानित किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
- डिजाइन श्रेणी: केरल के त्रिशूर निवासी अरुण गोकुल ने प्रथम स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा। पुणे के इदरीस दवाईवाला दूसरे और गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के कृष्णा शर्मा तीसरे स्थान पर रहे।
- नामकरण श्रेणी: शुभंकर को ‘उदय’ नाम देने का श्रेय भोपाल की रिया जैन को मिला, जिन्होंने प्रथम पुरस्कार जीता। इस श्रेणी में भी इदरीस दवाईवाला ने दूसरा और हैदराबाद के महाराज सरन चेल्लापिल्ला ने तीसरा स्थान हासिल किया।
संचार में क्रांति लाएगा ‘उदय’
समारोह को संबोधित करते हुए अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने कहा, “उदय का उद्देश्य एक अरब से अधिक भारतीयों के लिए आधार संबंधी संचार को अधिक सरल और आत्मीय बनाना है।” UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने जोर देकर कहा कि इस प्रतियोगिता के प्रति जनता के भारी उत्साह ने यह साबित कर दिया है कि लोग ‘आधार’ को केवल एक कार्ड नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक हित के साधन के रूप में देखते हैं।
क्या होगा शुभंकर का काम?
उप महानिदेशक विवेक सी. वर्मा के अनुसार, ‘उदय’ एक वाचक (Narrator) और साथी के रूप में कार्य करेगा। यह निम्नलिखित सेवाओं में नागरिकों का मार्गदर्शन करेगा:
- आधार अपडेट और प्रमाणीकरण।
- ऑफलाइन सत्यापन और सुरक्षित जानकारी साझा करना।
- नई तकनीकी सुविधाओं की जानकारी देना।
- आधार के दायित्वपूर्ण और सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना।



