बिज़नेस

डाक विभाग की डिजिटल छलांग: ONDC पर पहली ऑनलाइन डिलीवरी पूरी

नई दिल्ली | 15 जनवरी 2026

भारत के डिजिटल वाणिज्य (Digital Commerce) क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। डाक विभाग (Department of Posts) ने ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के साथ मिलकर एक लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता (LSP) के रूप में अपनी पहली सफल डिलीवरी पूरी कर ली है।

ONDC एक सरकारी पहल है, जिसका उद्देश्य ऑनलाइन खरीद–फरोख्त को आसान, खुला और सभी के लिए बराबर अवसर वाला बनाना है। इस प्लेटफॉर्म पर कोई भी विक्रेता, खरीदार और सेवा प्रदाता (जैसे डिलीवरी कंपनियां) एक ही नेटवर्क से जुड़कर काम कर सकते हैं, बिना किसी एक निजी कंपनी पर निर्भर हुए।

यह पहला ऑर्डर उद्यमवेल (UdyamWell) ने दिया था। उद्यमवेल, ONDC से जुड़ी एक पहल है, जो कारीगरों, किसानों और गांवों के छोटे व्यापारियों को अपने उत्पाद बेचने और सेवाएं पाने में मदद करती है। यह सफलता डाक विभाग के लिए डिजिटल और एक-दूसरे से जुड़ी (इंटरऑपरेबल) लॉजिस्टिक्स सेवाएं देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

ONDC से जुड़ने से बदली डाक विभाग की लॉजिस्टिक्स भूमिका

डाक विभाग के ONDC के साथ एकीकरण से अब ONDC-सक्षम खरीदार ऐप्स पर मौजूद विक्रेता पार्सल पिकअप, बुकिंग, ट्रांसमिशन और डिलीवरी के लिए डाक विभाग को चुन सकते हैं। भारत के सबसे बड़े और व्यापक डाक नेटवर्क का लाभ अब देशभर के ऑनलाइन विक्रेताओं को मिलेगा।

‘क्लिक एंड बुक’ मॉडल से आसान और डिजिटल पार्सल सेवा

वर्तमान में डाक विभाग ONDC पर ‘क्लिक एंड बुक’ मॉडल के साथ लाइव है। इस मॉडल के तहत:

  • विक्रेता डिजिटल रूप से पिकअप रिक्वेस्ट जनरेट कर सकते हैं
  • डाक विभाग को लॉजिस्टिक्स पार्टनर के रूप में चुन सकते हैं
  • पार्सल उनके परिसर से ही उठाया जाता है
  • पिकअप के समय ही डाक शुल्क लिया जाता है
  • पार्सल की ट्रैकिंग और डिलीवरी तकनीक-सक्षम सिस्टम से होती है

MSME और छोटे विक्रेताओं के लिए बड़ा अवसर

अपने अद्वितीय नेटवर्क, विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा विरासत और तेजी से बढ़ती डिजिटल क्षमताओं के साथ डाक विभाग का ONDC पर लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता के रूप में शामिल होना, भारत के राष्ट्रीय डिजिटल ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को मजबूत करेगा। इससे देश के कोने-कोने में मौजूद MSME, कारीगर, किसान और छोटे व्यापारी डिजिटल बाजार से सीधे जुड़ सकेंगे।


डिजिटल भारत की दिशा में एक और मजबूत कदम

यह पहल न केवल डाक विभाग की बदलती भूमिका को दर्शाती है, बल्कि डिजिटल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी आर्थिक विकास के लक्ष्यों को भी नई गति देती है। आने वाले समय में ONDC और डाक विभाग की यह साझेदारी देश में ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स की तस्वीर बदल सकती है।

इंडिया पोस्ट को देश की सबसे मजबूत और भरोसेमंद अंतिम-मील डिलीवरी प्रणाली

इंडिया पोस्ट (डाक विभाग) भारत सरकार के अधीन कार्यरत दुनिया का सबसे व्यापक डाक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क है। इसका नेटवर्क देश के महानगरों से लेकर दूरदराज़ के गांवों, पहाड़ी इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

वर्तमान में भारत में लगभग 1.65 लाख डाकघर कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। यही कारण है कि इंडिया पोस्ट उन इलाकों तक भी सेवाएं पहुंचाता है, जहाँ निजी कूरियर और लॉजिस्टिक्स कंपनियों की पहुंच सीमित है।

डाक विभाग न केवल पत्र और पार्सल वितरण करता है, बल्कि स्पीड पोस्ट, ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स, बचत योजनाएं, बीमा और डिजिटल सेवाएं भी प्रदान करता है। अपनी भरोसेमंद सार्वजनिक सेवा परंपरा और तकनीक-सक्षम ढांचे के कारण इंडिया पोस्ट आज डिजिटल कॉमर्स और सरकारी योजनाओं की रीढ़ बन चुका है।

इस व्यापक नेटवर्क की वजह से इंडिया पोस्ट को देश की सबसे मजबूत और भरोसेमंद अंतिम-मील डिलीवरी प्रणाली माना जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
.site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}